New GST Rate 2025: भारत सरकार द्वारा हाल ही में जीएसटी दरों में की गई कटौती का सबसे बड़ा लाभ उन लोगों को मिल रहा है, जो अपना घर बनाने का सपना देख रहे थे। पिछले कुछ वर्षों में निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतों के कारण कई परिवारों ने मकान निर्माण के अपने योजनाओं को टाल दिया था। अब सीमेंट, बालू, गिट्टी और अन्य आवश्यक सामग्री की कीमतों में आई गिरावट ने इन परिवारों के लिए यह सपना फिर से साकार होने का अवसर प्रदान किया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस बदलाव से 1000 स्क्वायर फीट के मकान के निर्माण पर लगभग एक लाख रुपये की बचत संभव है। यह मध्यमवर्गीय और ग्रामीण परिवारों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है, क्योंकि छोटी-छोटी बचत मिलकर बड़ी राशि बन सकती है।
जीएसटी कटौती और निर्माण सामग्री पर असर
पिछले समय में सीमेंट पर 28% जीएसटी लागू होता था, जिसमें 14% स्टेट और 14% सेंट्रल टैक्स शामिल था। नई दरों के अनुसार अब केवल 18% जीएसटी (9% स्टेट और 9% सेंट्रल) देना होगा। इस बदलाव के बाद A ग्रेड सीमेंट की कीमत ₹320-340 प्रति बैग से घटकर ₹290-300 प्रति बैग हो गई है।
निर्माण व्यापारियों के अनुसार, प्रत्येक सीमेंट बैग पर ₹30-35 की बचत हो रही है, जो सीधे उपभोक्ताओं तक पहुँच रही है। बालू की कीमतों में भी ₹400 से ₹700 प्रति 100 स्क्वायर फीट की कमी देखने को मिली है। गिट्टी और अन्य निर्माण सामग्री की कीमतों में भी समान रूप से गिरावट आई है।
मकान निर्माण में वास्तविक बचत
यदि हम 100 स्क्वायर फीट के मकान का उदाहरण लें, तो पहले इसका निर्माण ₹70,000-80,000 के बीच आता था। नई जीएसटी दरों के बाद यह लागत घटकर ₹65,000-75,000 के बीच आ गई है। इस गणना में नींव से लेकर छत की ढलाई तक की सभी आवश्यक सामग्री शामिल हैं।
100 स्क्वायर फीट के निर्माण में लगभग 35-40 बैग सीमेंट, 300 स्क्वायर फीट बालू, 125 स्क्वायर फीट गिट्टी, 1-1.2 क्विंटल सरिया और 1500-2000 ईंटों की आवश्यकता होती है।
यदि 1000 स्क्वायर फीट के मकान की बात करें, तो पहले इसका निर्माण ₹6-7 लाख में होता था। नई दरों के बाद यह लागत घटकर ₹5-6 लाख के बीच आ गई है। इससे प्रति घर लगभग ₹1 लाख तक की बचत हो सकती है। यह बचत मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
छत की ढलाई में आई कमी
छत की ढलाई मकान निर्माण का सबसे महंगा हिस्सा होती है, जिसमें सीमेंट की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि 100 स्क्वायर फीट की छत ढलाई में सीमेंट का खर्च पहले लगभग ₹3000 था, जो अब घटकर ₹2700-2800 तक आ गया है। इससे प्रत्येक 100 स्क्वायर फीट की छत पर ₹200-300 की बचत हो रही है।
बड़े मकानों के लिए यह बचत और भी अधिक है। 1000 स्क्वायर फीट के मकान में केवल छत की ढलाई पर ही ₹2000-3000 तक की बचत संभव है। सीमेंट की कीमत में आई यह कमी न केवल नए निर्माण को प्रभावित कर रही है, बल्कि मरम्मत और रेनोवेशन कार्य भी अब सस्ते हो गए हैं।
सरिया और अन्य सामग्री की स्थिति
हालांकि सीमेंट और बालू की कीमतों में भारी गिरावट आई है, लेकिन TMT सरिया की कीमतों में कोई विशेष बदलाव नहीं हुआ है। वर्तमान में TMT 500 सरिया ₹52-54 प्रति किलो के बीच उपलब्ध है। टाटा टिस्कोन सरिया की कीमतें साइज़ के अनुसार ₹219 (6mm) से लेकर ₹5708 (32mm) तक हैं।
ईंटों की कीमतों में भी मामूली कमी आई है। स्थानीय व्यापारी बताते हैं कि निर्माण सामग्री की बिक्री में वृद्धि हुई है, क्योंकि लोग इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाना चाहते हैं। भविष्य में कीमतों में और गिरावट की संभावना भी बनी हुई है, क्योंकि व्यापारी पुराना स्टॉक समाप्त करके नई दरों पर सामग्री खरीद रहे हैं।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में प्रभाव
ग्रामीण क्षेत्रों में जीएसटी दरों में कमी का असर अधिक देखने को मिल रहा है, क्योंकि वहां पहले से ही निर्माण लागत कम होती थी। ग्रामीण इलाकों में मकान निर्माण की लागत 15-20% तक कम हो सकती है, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह गिरावट 10-15% के आसपास है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय सामग्री का अधिक उपयोग होता है और परिवहन लागत भी कम होती है।
