सारंगढ़-बिलाईगढ़, 15 सितंबर 2025/ कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे के मार्गदर्शन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एफ आर निराला के देखरेख में जिले में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक जिले में अभियान चलाई जाएगी। अभियान महिलाओं के स्वास्थ्य पर केंद्रित रहेगी। एक स्वस्थ नारी के विषय पर महिलाओं में जागृति अभियान चलाया जाएगा। घर में नारी स्वस्थ रहेगी तभी हम स्वस्थ परिवार और सशक्त परिवार की परिकल्पना कर पाएंगे। घर में अगर नारी स्वस्थ नहीं रहेगी तब उस घर परिवार की पूरी व्यवस्थाएं चरमरा जाती हैं। ऐसे परिवार को अपने आसपास देख सकते हैं। स्वस्थ बालिका होने पर ही स्वस्थ महिला बन सकती है और स्वस्थ नारी बनने पर ही एक स्वस्थ परिवार सशक्त परिवार, मजबूत परिवार या फिर शक्तिशाली परिवार बना पाएंगे। परिवार के स्वस्थ या सुदृढ़ परिवार होने पर सुदृढ़ समाज और सुदृढ़ देश की परिकल्पना कर सकते हैं। इस अभियान के अंतर्गत किशोरी बालिका से लेकर उम्र दराज महिलाओं को जागरूक करने का अवसर है। हमें प्रयास करना है कि ज्यादा से ज्यादा किशोरी बालिकाओं को जागरूक कर सके। इस अभियान में जो जागरूकता अभियान और जांच की जानी है, उनमें वे किशोरी बालिकाओं में एनीमिया या खून की कमी (हिमोग्लोबिन) की जांच करना, सिकलसेल की जांच करना, मेंस्ट्रुअल हाइजीन के बारे में जानकारी देना, इनकी टीकाकरण के बारे में बताना, पोषण आहार के बारे में बालिकाओं को बताना की संतुलित आहार का क्या महत्व है यदि शरीर में खून की कमी होने पर कैसे आयरन फोलिक एसिड की गोली से कैसे पूर्ति करते हैं के बारे में अवगत कराना, खून की कमी के कारणों के बारे में जानकारी देना शामिल है।
महिलाओं के आयुष्मान कार्ड नहीं बने हो तो आयुष्मान कार्ड बनाएंगे। यदि सिकलसेल की जांच में एसएस या बीमार कैटीगरी के सिकलिंग होने पर इनका उपचार सहित यूनिक आईडी बनवाकर सभी महिलाओं को लाभान्वित करना है। जिन महिलाओं में कोई असंक्रामक बीमारी तो नहीं है इसका भी पता लगाना है जिनका स्क्रीनिंग अभी तक नहीं हुआ है उन सबकी स्क्रीनिंग करना है जिसमें हाइ ब्लड प्रेशर उच्चारक्त चाप, मधुमेह और कैंसर की मुख्य बीमारी (स्तन कैंसर और सर्वाइकल कैंसर) है, उनकी जांच करनी है, इसे कैसे बचेंगे। इसके बारे में जानकारी देनी है। स्वस्थ जीवन शैली के महत्व बताएंगे इसके साथ संक्रामक बीमारी जिसमें टीबी और कुष्ठ है इसकी भी स्क्रीनिंग करेंगे। अगर कोई गर्भवती माता है तो उसे उसके गर्भावस्था में कोई खतरे के संकेत तो नहीं की जांच कर चिन्हांकित करेंगे और अगर हाइ रिस्क ग्रुप में होंगे तो उसकी काउंसलिंग करके सुरक्षित प्रसव कराने के लिए प्रोत्साहित करेंगे और उन्हें आवश्यक मदद करेंगे। अगर किसी महिला को मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित कोई समस्या होगी भी उनको आवश्यक काउंसलिंग करके सहयोग प्रदान करेंगे। सभी का आभा आईडी बनाएंगे। अगर कोई महिला टीबी के पीड़ित होंगे तो उसके लिए निश्चय मित्र बनाएंगे। 17 से 2 अक्टूबर के बीच कई प्रकार की गतिविधियों होंगी। 17 अक्टूबर को तीनों ब्लॉक मुख्यालय में ब्लड डोनेशन कैंप लगेगी। इस अभियान में विभिन्न आयुष्मान आरोग्य मंदिर में स्क्रीनिंग कैंप का आयोजन करेंगे, जिसमें सरकारी विभाग में कार्यरत अधिकारी कर्मचारी, शिक्षिका, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका स्टाफ नर्सेस, स्वास्थ्य संयोजक महिला, स्वसहायता समूह के सदस्य ,बिहान समूह के सदस्य, व्हीएचएससी के सदस्य, पीआरआई के महिला प्रतिनिधि, जिसमें महिला पांच, सरपंच, महिला जनपद सदस्य ,जिला पंचायत सदस्य आदि सभी की स्क्रीनिंग की जाएगी। जांच उपरांत सबकी जानकारी एकत्र करके पोर्टल में इंट्री की जाएगी इसी के साथ अलग अलग वार्डो के महिलाओं का जिनका स्क्रीनिंग अभी तक नहीं हुआ है उनका स्क्रीनिंग करना है। इन सभी को वेलनेस एक्टिविटी और स्वस्थ जीवन शैली के बारे में बताना है। खेलकूद करना है। किशोरी बालिकाओं की स्क्रीनिंग के लिए मिडिल और हाईस्कूल के बालिकाओं की स्क्रीनिंग करना है और मेंस्ट्रुअल हाइजीन के बारे जानकारी देकर बालिकाओं को सुदृढ़, मजबूत करने की आधारशिला रखनी है क्योंकि इसी उम्र में बालिकाओं को जागरूक करेंगे तब इनकी प्रचार प्रसार परिवार समाज तक जाएगी। जरूरत के हिसाब से महिलाओं को परिवार नियोजन कार्यक्रम के अंतर्गत अस्थाई संसाधन उपलब्ध कराएंगे। यही नहीं बल्कि महिलाओं के लिए आयुष विभाग भी कार्यक्रम आयोजित करेंगे। महिला एवं बाल विकास विभाग से समन्वय करके पोषण अभियान को जोड़ेंगे और मिलकर संपादित करेंगे। ट्राइबल विभाग से समन्वय करके विभिन्न छात्रावास, आश्रम के बालिकाओं का भी स्वास्थ्य परीक्षण करेंगे। स्कूल विभाग से भी समन्वय करके स्कूल के साथ स्वसहायता समूह के सदस्यों का स्वास्थ्य परीक्षण करेंगे। गांव एवं नगरीय क्षेत्रों में सफाई कर्मी जो महिला है उनका भी स्क्रीनिंग किया जाना प्रस्तावित है। इस कार्य को संपादित करने के लिए पहले चरण में सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिर और गांवों में कैंप होगा। उसके बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं सेक्टर स्तर पर कैंप करेंगे और आखिर में ब्लॉक स्तरीय कैंप किया जाएगा जिसमें स्पेशलिस्ट चिकित्सक की उपस्थिति सुनिश्चित कराएंगे। इस तरह से वृहद पैमाने पर कार्यक्रम आयोजित होंगे।
यह अभियान जनप्रतिनिधि और सभी विभागों के सहयोग से सफल होगा। ज्यादा से ज्यादा महिलाओं की उपस्थिति हो और सबकी जांच स्क्रीनिंग हो सके अगर कोई महिला किसी बीमारी से पीड़ित पाए जाते है तब उसकी उपचार की नियमित प्रबंधन भी हो, तब जाकर एक सुदृढ़ परिवार या मजबूत परिवार की परिकल्पना पूरी हो सकेगी और परिवार सुदृढ़ होगी तभी प्रदेश और देश सुदृढ़ होगी तब कही जाकर देश मजबूत होगी।
