मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के संयुक्त मुख्यालय भवन का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जीरो पावर कट स्टेट से अब मुफ्त बिजली की ओर बढ़ रहा है। पावर सेक्टर में लगभग तीन लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए हैं। इससे 30 हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली उत्पादन संभव होगा।
यह उपलब्धि न केवल प्रदेशवासियों को 24 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराएगी बल्कि पड़ोसी राज्यों की जरूरतें भी पूरी करेगी। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की बदौलत छत्तीसगढ़ मुफ्त बिजली की ओर तेजी से अग्रसर है। इस अवसर पर सीएम ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत मौलश्री का पौधा लगाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नया भवन तीनों पावर कंपनियों के बीच समन्वय बढ़ाकर अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यकुशलता को नई ऊंचाई देगा। वर्ष 2000 में प्रदेश सिर्फ 1400 मेगावाट बिजली का उत्पादन करता था। आज यह क्षमता बढ़कर 30 हजार मेगावाट हो गई है। कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, इंद्र कुमार साहू, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह और ऊर्जा सचिव डॉ. रोहित यादव मौजूद रहे।
ग्रीन एनर्जी आधारित भवन की लागत 270 करोड़ वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि लगभग 270 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह नौ मंजिला भवन ग्रीन एनर्जी आधारित होगा। इसका क्षेत्रफल 10017 वर्ग मीटर है। इसमें स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी, पावर जेनरेशन कंपनी और पावर ट्रांसमिशन कंपनी के लिए तीन अलग-अलग टॉवर होंगे।
लगभग 1300 कर्मचारियों की क्षमता वाले इस भवन में 210 सीटों का प्रेक्षागृह, जिम, दो मंजिला बेसमेंट पार्किंग, मैकेनिकल स्टैक पार्किंग और ई-व्हीकल चार्जिंग जैसी सुविधाएं हों
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